Story of Prophet Adam | Hazrat ADAM Ki Kahani in Hindi


अस्सलामवालेकुम दोस्तों मेरा नाम दानिश खान है कुरान की कहानियों में आपका स्वागत है आज हम आपको इस्लाम के एक आला तरीन पैगंबर के बारे में बताएंगे जिनका नाम आदम है और जानेंगे आदम का इतिहास

Story of Prophet Adam
Story Of Prophet Adam

पैगंबरों को इतनी इज्जत इसलिए दी जाती है क्योंकि वह अल्लाह का पैगाम को फैलाते हैं और खुद भी मानते हैं और दूसरों को मानने की सलाह देते हैं ! पैगंबर प्यार और शांति का संदेश लाते हैं वह चाहते हैं की पूरी दुनिया में अच्छे काम हो लड़ाई झगड़ा ना हो भाई भाई में प्यार हो लोग पड़ोसियों से प्यार करें और ऐसे ही कई अनेक बातें

सारे पैगंबर जो भी इस धरती पर आए हैं उन्हें अपने अपने क्षेत्र के लोगों को अल्लाह की बातें समझाने के लिए एक सही समय निर्धारित किया गया है इंशाल्लाह आज हम इस्लाम के पहले पैगंबर की कहानी सुनाएंगे जो है पैगंबर आदम अलैहिस्सलाम तो चलिए शुरू करते हैं

पैगंबर आदम की कहानी
पैगंबरों की कहानी आदम से शुरू होती है दुनिया का पहला मनुष्य बनाने के लिए अल्लाह पाक ने दुनिया के हरे कोने से मिट्टी लाने के लिए अपनी फरिश्तों को भेजा ! फरिश्ते कई सालों तक अलग अलग तरह की मिट्टी को इकट्ठा करते रहे जिसमें कि कुछ कड़क थी और कुछ नरम कुछ सफेद और कुछ काली इस मिट्टी से अल्लाह ने पहले मनुष्य की रचना की और अल्लाह ने उसे नाम दिया आदम लेकिन अल्लाह पाक ने अभी तक उसमें सांसे नहीं भरी वैसे ही 40 सालों तक मूर्ति की तरह खड़े रहे क्योंकि अल्लाह पाक ने 40 साल तक आत्मा नहीं डाली यही कारण है कि मैं 40 साल तक मूर्ति बनी रहे !

एक दिन अल्लाह पाक ने पैगंबर आदम के अंदर जान डाल दी यानी उनके अंदर आत्मा का प्रवेश कराया और फिर पैगंबर आदम जिंदा हो गए और जिंदा होते ही आदम ने कहा वह पाक परवरदिगार बहुत दयालु है फिर उन्होंने अपने आसपास फल को देखा लेकिन इससे पहले कि उनके पैरों में जान आती वह फलों की तरफ दौड़े फिल्म उनकी तरफ कुछ उछलकर जाना चाहा पर वह ऐसा कैसे कर सकते थे क्योंकि उनके पैरा अभी भी मिट्टी के बने हुए थे और वह उछलने की कोशिश में वह धरती पर गिर गए !

एक दिन अल्लाह पाक ने सभी फरिश्तों को आदम के सामने आने का आदेश दिया फरिश्तों ने आदेश का पालन किया और सर झुकाया उन्होंने ऐसा डर के कारण नहीं किया बल्कि उन्हें सम्मान देने के लिए किया एक के बाद एक सब ने सर झुकाया शिवाय इब्लीस के क्या आप जानते हैं इंग्लिश कौन था !

इब्लीस कौन था ?
इब्लीस एक शैतान था अल्लाह पाक ने इब्लीस को आग से बनाया है जिस तरह अल्लाह पाक ने इंसान को मिट्टी से बनाया है उसी तरह अल्लाह पाक ने इब्लीस को आग से बनाया है

क्योंकि इब्लीस आग से बना हुआ था और हजरत आदम मिट्टी से बने हुए थे यही कारण है कि इब्लिस ने अपने आपको पैगंबर आदम से अच्छा बताया और बेहतर बताया और इब्लीस ने हजरत आदम के सामने सर झुकाने से मना कर दिया और इसी वजह से अल्लाह पाक बहुत गुस्सा हुए क्योंकि अल्लाह पाक ने सर झुकाने का हुक्म दिया था और इब्लीस ने सर नहीं झुकाया और अल्लाह पाक को इब्लीस का यह बर्ताव अच्छा नहीं लगा और फिर अल्लाह पाक ने शैतान को यानी इब्लीस को जन्नत से निकाल दिया और कभी वापस ना आने को कहा !

शैतान समझ गया कि उसे यह दंड मनुष्य की वजह से ही मिला है यही वजह है कि वह मनुष्य से बहुत क्रोधित हुआ और बदला लेने के लिए उसने मनुष्य को बहकाने के बारे में सोचा उसने जाल बिछाया की इंसान अल्लाह को मानने के बजाय मूर्तियों की पूजा करना शुरू कर दें !

फिर अल्लाह पाक ने आदम को स्वर्ग में रह रहे सारे जानवरों के नाम पैगंबर आदम को सिखाएं जैसे कि शेर, भेड़ , ऊंट , हाथी , और मोर आदि ! अल्लाह पाक ने पैगंबर आदम को पूरी छूट दी की बाग बगीचे में लगे कोई से भी फल खा सकते हैं और वह जो चाहे कर सकते हैं शिवाय एक चीज के उन्हें एक पेड़ के फल खाने को मना करा गया ! अल्लाह पाक ने पैगंबर आदम से कहा कि उन्हें इस पेड़ का फल नहीं खाना है और इस बात को पैगंबर आदम खुशी-खुशी मान गए और स्वर्ग में अपना जीवन खुशी से जीने लगे स्वर्ग के सारे जानवर उनके दोस्त थे वह अपना सारा समय जानवरों के साथ खेलने में बताते थे क्योंकि पैगंबर आदम अकेले ही इंसान थे जन्नत में तो अगर वह खेलना भी चाहते तो किसके साथ खेलते ! इसी वजह से

एक रात जब पैगंबर आदम सो रहे थे तब अल्लाह पाक ने एक औरत को बनाया अल्लाह पाक ने उन्हें पैगंबर आदम की पसलियों से बनाया था जब पैगंबर आदम को होश मैं आया तो अपने पास एक औरत को देखकर आश्चर्य मैं पड़ गए फिर उन्होंने उनका नाम हाउवा रखा क्योंकि वह बहुत ही ज्यादा खूबसूरत थी और पैगंबर आदम और हजरत हाउवा बहुत समय तक एक साथ रहे ! फिर शैतान नेपैगंबर आदम और हजरत हाउवा को जन्नत से निकालने की तरकीब निकाली और फिर 1 दिन शैतान ने सांप का रूप धारण किया फिर पैगंबर आदम और हजरत हाउवा को उसी पेड़ के पास ले गया जिस पेड़ का फल अल्लाह पाक ने खाने के लिए मना किया था और फिर शैतान ने हजरत हाउवा को बहकाया जिसके बाद उन्होंने ने यह फल खा लिया फिर उन्हें याद आया कि कौन से गुनाह हो गया है क्योंकि अल्लाह पाक ने इस पेड़ का फल खाने के लिए मना किया था और हमने यह फल खा लिया है नतीजतन उस फल को खाने के बाद उन्हें समझ में गया कि उनके शरीर पर कोई भी कपड़ा नहीं है और वह शरीर को ढकने के लिए पत्तियों की तरफ भागे ताकि वह उनसे अपना शरीर ढक सके ! क्योंकि उन्होंने अल्लाह पाक की नाफरमानी की थी इसी वजह से उन्हें जन्नत से निकाल दिया गया और उन्हें इस धरती पर भेज दिया गया

पैगंबर आदम और हजरत हाउवा रो रहे थे और अपनी गलती पर पछतावा कर रहे थे इसी वजह से अल्लाह पाक ने उन्हें माफ कर दिया क्योंकि अल्लाह पाक जानते हैं कि सच्चाई क्या थी कैसे शैतान ने पैगंबर और पैगंबर की बीवी को बहकाया क्योंकि अल्लाह पाक सब कुछ जानता है और खबरदार है फिर कुछ समय बाद हजरत हाउवा 2 बच्चे होते हैं एक लड़का और एक लड़की और उन्होंने लड़के का नाम काबिल रखा और फिर कुछ समय बाद हजरत हाउवा के दो बचे हुए जिसमें एक लड़का और एक लड़की थी इस बार लड़के का नाम हाबिल रखा !

जब काबिल बढ़ा हुआ तो वह खेतों में काम करता और खेतों का ध्यान रखता और फसल उगाता वही दूसरी ओर जब हाबिल बड़ा हुआ तो वह एक गडरिया बन गया और वह भेड़ों और दूसरे जानवरों की देखभाल करने लगा पैगंबर ने उनकी शादी करने के बारे में सोचा यह अल्लाह का दुनिया में आबादी बढ़ाने का तरीका था इसीलिए एक दूसरे से शादी करने का आदेश दिया इसी वजह से काबिल बहुत खुश नहीं था क्योंकि वह उसी बहन से शादी करना चाहता था जो उसके साथ ही पैदा हुई थी पर अल्लाह का आदेश था कि काबिल उस लड़की से शादी करेगा जो हाबिल के साथ पैदा हुई थी ! अल्लाह के आदेश को ठुकराकर अपने पिता की बात मानने से इनकार कर दिया पैगंबर उलझन में पड़ गए घर में शांति और प्यार चाहते थे इसलिए पैगंबर आदम ने अल्लाह से दुआ मांगी तो फिर अल्लाह पाक ने कुर्बानी का हुक्म सुनाया और कहा की भी कुर्बानी कबूल होगी वही उस लड़की से शादी करेगा !

हाबिल ने कुर्बानी के लिए सबसे अच्छे मम्मी को चुना अल्लाह के सामने कुर्बानी देने के लिए पेश किया लेकिन काबिल खूबसूरत सब्जियां और फल को जो उसने उगाई थी वे उसे कुर्बान नहीं करना चाहता था उसकी जगह उसने खराब सब्जी और अनाज को चुना अल्लाह पाक ने हाबिल की कुर्बानी को कबूल किया और काबिल की कुर्बानी को कबूल नहीं किया तब वहां पर पैगंबर आदम मौजूद थे तो पैगंबर आदम ने पैसा लिया की हाबिल की शादी काबिल की बहन से होगी जबकि काबिल की शादी हाबिल की बहन से यह बात सुनकर वह बहुत गुस्से में गया और मैं चाहता था कि वह हाबिल को मार डाले !

एक दिन हाबिल बहुत देर तक घर नहीं पहुंचा इसी बात से पैगंबर परेशान हुए तो फिर पैगंबर ने काबिल को हाबिल को ढूंढने के लिए भेजा और काबिल तैयार हो गया और हाबिल को ढूंढने के लिए निकल गया और तब उसे हाबिल घर की तरफ वापस आते हुए दिखा ! काबिल अभी भी उससे बहुत ही ज्यादा गुस्सा था और गुस्से में उसने हाबिल से कहा मैं तुम्हें मार दूंगा अगर मैं खुश नहीं हूं तुम कैसे खुश रह सकते हो फिर हाबिल ने कहा अच्छा यही होगा भाई कि आप अपनी नाराजगी की वजह खुद ही ढूंढे भाई क्योंकि अल्लाह से दी गई कुर्बानी को पसंद करते हैं काबिल यह सुनकर बहुत गुस्से में आया और उसने पत्थर उठा लिया हाबिल यह सब देखा और कुछ नहीं कहा जबकि हाबिल काबिल से बहुत ज्यादा ताकतवर था लेकिन हाबिल ने कहा तुम मुझे मारना चाहते हो तब भी मैं तुम्हें कुछ नहीं क्योंकि मैं अल्लाह से डरता हूं यह बात सुनकर काबिल और आग बबूला हो गया और काबिल ने हाबिल को पत्थर मार मार कर हाबिल को खत्म कर दिया ! यह दुनिया मैं हुई पहली मौत और मनुष्य द्वारा किया गया पहला अपराध था !


जब काबिल को एहसास हुआ की हाबिल मर चुका है और इस दुनिया में नहीं रहा तो वह काफी घबरा गया वह सोच नहीं पा रहा था कि वह क्या करें वह अपने द्वारा किए गए अपराध को छुपाने की कोशिश कर रहा था ! हाबिल की लाश को छुपाने के लिए काबिल इधर-उधर घूम रहा था उसका गुस्सा धीरे धीरे कम हो गया और उसे अपने किए पर पछतावा हो रहा था और उसी समय उसने आसमान में दो काले कौवा को लड़ते हुए देखा ! काबिल ने देखा एक कौवे ने दूसरे कौवे को मार दिया और एक कौवा नीचे गिर गया जिंदा कौवे ने जमीन में छोटा सा गड्ढा कर दिया औरत गड्ढे में मरे हुए कौवे को डाल दिया और मिट्टी से दबा दिया जब काबिल ने उसे देखा तो काबिल को भी पता चल गया कि उसे क्या करना है और काबिल ने अपने भाई की लाश को मिट्टी में दबा दिया और इसी तरह दुनिया में पहले मनुष्य की कब्र बनी काबिल ने जो कुछ भी किया था वह उससे शर्मिंदा था !

पैगंबर आदम अपने दोनों बेटे को खो जाने से बहुत ही दुखी थे एक की मौत हो चुकी थी और दूसरे को शैतान ने भटका दिया था उन्होंने अपने बाकी बच्चों को शैतान के बारे में बताया और उनको अल्लाह के रास्ते पर चलने का आदेश दिया कई साल बीत गए और पैगंबर आराम अलैहिस्सलाम बूढ़े हो गए हैं और उनकी संताने पूरी दुनिया में फैल गई जब पैगंबर को पता चला कि उनकी मृत्यु नजदीक है तो उन्होंने अपने बिस्तर को अपना हमसफर बनाया पैगंबर आदम ने अपने बच्चों को बताया कि अपने आप को कभी अकेला मत समझना क्योंकि अल्लाह कभी भी किसी भी मनुष्य को अकेला नहीं छोड़ेगा और वे अपने पैगंबरों को सुरक्षा के लिए भी भेजेगा और वह सभी पैगंबर एक ही बात कहेंगे कि सिर्फ अल्लाह पाक की बात होनी चाहिए यह सब कहने के बाद पैगंबर आदम ने इस दुनिया से अलविदा ले लिया और फिर फरिश्ते आए और पैगंबर आदम की रूह को उठा लिया !

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